इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप पार्टी बड़ी चुनौती से जूझ रही है।
इस चुनाव में भाजपा को 27 साल का ग्रहण खत्म होने की उम्मीद और कांग्रेस चमत्कार के सहारे है।
दिल्ली में चुनाव तारीख की घोषणा के बाद सियासी पार्टियों में मतदाताओं को लुभाने का खेल तेज हो गया है।
इस चुनाव में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से पैदा हुई आप पार्टी, अब खुद भ्रष्टाचार की आंच में घिरी है।
2013 में अपने पहले ही चुनाव में आप पार्टी ने 29.49% वोट शेयर हासिल कर 70 में से 28 सीटें जीतकर धमक दिखाई थी।
इसके दो साल बाद 2015 में उसने तूफानी जीत हासिल की और 54.34% वोट शेयर के साथ 67 सीटें जीत लीं।
2020 में फिर चमत्कार हालांकि सीटों की संख्या मामूली रूप से घटकर 62 रह गई। इसके बावजूद 53.57% वोट शेयर बनाए रखा।
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